Hindi Shayari

मे अपनी वफ़ा का इंसाफ़ किस से माँगता

Mohabbat Mein Bewafa Shayari

 

वो मोहब्बत भी तेरी थी, वो नफ़रत भी तेरी थी,
वो अपनाने और ठुकरानी की अदा भी तेरी थी,
मे अपनी वफ़ा का इंसाफ़ किस से माँगता..
वो शहेर भी तेरा था, वो अदालत भी तेरी थी!

 

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