Hindi Shayari

मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम शायरी

नज़रे करम मुझ पर इतना न कर,
की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।

 

अधूरी मुलाक़ात शायरी

वो मुलाक़ात कुछ अधूरी सी लगी,
पास हो कर भी कुछ दूरी सी लगी,
होंठों पे हंसी पर आंखों में नमी
पहली बार किसी की चाहत ज़रूरी सी लगी।