तुम्हे अपनी ज़िन्दगी समझते है शायरी

सितम को हम ने बेरुखी समझा,
प्यार को हमने बन्दगी समझा,
तुम चाहे हमें जो भी समझो
हमने तो तुम्हें अपनी ज़िंदगी समझा।

मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम शायरी

नज़रे करम मुझ पर इतना न कर,
की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।

 

रोमांटिक ज़िंदगी के मायने शायरी

ये लकीरें, ये नसीब, ये किस्मत
सब फ़रेब के आईनें हैं…
हाथों में तेरा हाथ होने से ही
मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं।

ढाई अक्षर की बात शायरी

ढाई अक्षर की बात कहने में
कितनी तकलीफ़ उठा रखी है,
तूने आंखों में छिपा रखी है
मैंने होंठों पे दबा रखी है।