Hindi Shayari

ढाई अक्षर की बात शायरी

ढाई अक्षर की बात कहने में
कितनी तकलीफ़ उठा रखी है,
तूने आंखों में छिपा रखी है
मैंने होंठों पे दबा रखी है।

 

अधूरी मुलाक़ात शायरी

वो मुलाक़ात कुछ अधूरी सी लगी,
पास हो कर भी कुछ दूरी सी लगी,
होंठों पे हंसी पर आंखों में नमी
पहली बार किसी की चाहत ज़रूरी सी लगी।

 

Tujhse Door Rehke Shayari

मोहब्बत के लबोँ पर फिर वही तकरार बैठी है,
एक प्‍यारी सी मीठी सी कोई झनकार बैठी है,
तुझसे दूर रहकर के हमारा हाल है ऐसा
मैँ तेरे बिन यहाँ, तू मेरे बिन वहाँ बेकार बैठी है।

 

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