Hindi Shayari

बोलना अब जुर्म जैसा है

Jurm Shayari Sms

 

दिलों की बंद खिड़की खोलना अब जुर्म जैसा है,
भरी महफिल में सच बोलना अब जुर्म जैसा है,
हर ज्यादती को सहन कर लो चुपचाप
शहर में इस तरह से चीखना जुर्म जैसा है।

 

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