Hindi Shayari

वो मुलाक़ात कुछ अधूरी सी लगी

Adhuri Mulakat Love Shayari

 

वो मुलाक़ात कुछ अधूरी सी लगी,
पास हो कर भी कुछ दूरी सी लगी,
होंठों पे हंसी पर आंखों में नमी
पहली बार किसी की चाहत ज़रूरी सी लगी।

 

मे अपनी वफ़ा का इंसाफ़ किस से माँगता

वो मोहब्बत भी तेरी थी, वो नफ़रत भी तेरी थी,
वो अपनाने और ठुकरानी की अदा भी तेरी थी,
मे अपनी वफ़ा का इंसाफ़ किस से माँगता..
वो शहेर भी तेरा था, वो अदालत भी तेरी थी!