Hindi Shayari

तुम भी छोड़कर चले गए

Tum Bhi Chhod Kar Chale Gaye Shayari

 

फुर्सत किसे है ज़ख्मों को सरहाने की,
निगाहें बदल जाती हैं अपनों-बेगानों की,
तुम भी छोड़कर चले गए हो हमें ओ सनम
अब तो तमन्ना ही नहीं रही किसी और से दिल लगाने की।

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