Hindi Shayari

Zindagi Bojh Ban Gayi Shayari

 

रश्मि उल्फत को निभाए तो निभाए कैसे,
हर तरफ आग है दामन को बचाये कैसे,
बोझ होता जो गमो का तो उठा भी लेते
ज़िन्दगी बोझ बानी तो फिर उठाये कैसे।

 

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